समाचार वाचकः इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर दुबई में गिरफ्तार हो गया है। सौरभ चंद्राकर पर 6000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। ये कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर विदेश मंत्रालय (MEA), और गृह मंत्रालय (MHA) ने मिलकर की है।
CBI और ED ने सौरभ की चंद्राकर की गैरकानूनी गतिविधियों का खुलासा किया था। ये जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की गई। अब तक सौरभ की 572.41 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति दुबई में मौजूद है।
सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की तैयारी तेज
MEA, MHA, ED की त्वरित कार्रवाई यूएई के अधिकारियों द्वारा भारत सरकार और CBI को सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दिए जाने के बाद, बीते एक सप्ताह में ही प्रत्यर्पण प्रक्रिया ने तेज़ी पकड़ी। MEA (विदेश मंत्रालय), MHA (गृह मंत्रालय), ED और CBI ने संयुक्त रूप से इस मामले में बेहद तेजी से काम किया है.।इन एजेंसियों ने चंद्राकर को भारत लाने के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया को बिना देरी के शुरू किया। अब यह एजेंसियां मिलकर चंद्राकर के प्रत्यर्पण के कानूनी और कूटनीतिक पहलुओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं जिसके उपरांत तत्काल सौरभ चंद्राकर की “प्रोविजनल अरेस्ट” के बाद उसे भारत लाया जाएगा.


