समाचार वाचक, रायपुर। अब साइबर अपराध करने वालों की खैर नहीं… क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार के के गृह विभाग ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध को ध्यान में रखते हुए स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर का गठन किया है। यह सेंटर राज्य स्तर पर साइबर क्राइम से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट-एस.पी.ओ.सी. के रूप में काम करेगा।
इस संबंध में राज्य शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ आई.पी.एस. प्रशांत कुमार अग्रवाल और उप पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ आई.पी.एस. गिरिजा शंकर जायसवाल की स्टेट साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर में नई पदस्थापना की गई है।
कौन हैं दोनों आईपीएस अधिकारी ?
प्रशांत कुमार अग्रवाल – सूरजपुर के भैयाथान के रहने वाले प्रशांत अग्रवाल ने गांव के ही प्रायमरी स्कूल में पढ़ाई की। भारत के श्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थान IIT खड़गपुर में इंजीनियरिंग की। मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर बनने का मौका था, लेकिन लोगों की सेवा के लिए उन्होंने आईपीएस अधिकारी बनना तय किया। इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के दौरान ही UPSC की तैयारी की। दूसरे अटेम्प्ट में इंडियन पुलिस सर्विस के लिए चुने गए। 2008 के आईपीएस प्रशांत अग्रवाल को छत्तीसगढ़ कैडर मिला।
- बिलासपुर में एसपी रहने के दौरान साइबर ठगों से लोगों को बचाने के लिए जागरूक करने हेतु साइबर मितान अभियान चलाया।
- रायपुर एसएसपी रहने के दौरान भी साइबर जागरूकता सप्ताह चला कर लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूक किया।
गिरिजा शंकर जायसवाल – छत्तीसगढ़ कैडर के 2010 बैच के आईपीएस गिरिजा शंकर जायसवाल छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं। वैसे तो उनका गांव रायगढ़ जिले के खरसिया ब्लॉक में स्थित ग्राम निमोही है। पर पिता की नौकरी व अन्य पारिवारिक कारणों की वजह से उनका परिवार सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक में स्थित कुसुमझर गांव में बस गया। शासकीय प्राथमिक शाला कुसुमझर से पांचवीं तक के पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए गांव में स्कूल नहीं था। जिसके चलते गांव से तीन किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय डभरा में स्थित गवर्नमेंट स्कूल डबरा से उन्होंने छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई की। 11 व 12वीं में उन्होंने भौतिकी,रसायन व जीव विज्ञान विषय लिया था। 12वीं के बाद वे ग्रेजुएशन के लिए बिलासपुर आ गए। दिल्ली में रहकर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की। चौथे प्रयास में प्रारंभिक, मुख्य व साक्षात्कार निकालते हुए उन्होंने 420 वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक किया। यूपीएससी क्रैक करने पर उन्हें आईपीएस की सर्विस एलॉट हुई।
-
पुलिस मुख्यालय में एआईजी रहते हुए उन्होंने चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए एसओपी बनाया। चंदखुरी पुलिस ट्रेनिंग अकादमी के पुलिस अधीक्षक भी गिरजा शंकर जायसवाल रहे। इस दौरान उन्होंने हॉस्टल व मेस बनवाया।


