पढ़िए क्या लिखा है पत्र में ?

विषयान्तर्गत लेख है कि छत्तीसगढ़ शासन, उच्च शिक्षा विभाग के संदर्भित पत्र 18 अगस्त 2026 के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शासकीय महावि‌द्यालयों/विश्वविद्यालयों में प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक/ग्रंथपाल एवं क्रीडा अधिकारी के रिक्त पदों पर अतिथि व्याख्याताओं की व्यवस्था हेतु छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता नीति, 2024 (यथा संशोधित 2026) में दिए गए मापदण्डों के अनुसार अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति करने की सहमति/स्वीकृति, वित्त विभाग के फाइल, 17 अगस्त 2026 द्वारा दी गयी सहमति अनुसार प्रदान की गयी है, जिसकी प्रति संलग्न कर प्रेषित है.।

अतः राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों/शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शासकीय महावि‌द्यालयों/विश्ववि‌द्यालयों में प्राध्यापक/सहायक प्राध्यापक/ग्रंथपाल एवं क्रीडा अधिकारी के रिक्त पदों पर अतिथि व्याख्याताओं की व्यवस्था, छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता नीति, 2024 (यथा संशोधित 2026) में दिए गए मापदण्डों के अनुसार किया जाना सुनिश्चित करें।

आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य अर्हताः

  • अतिथि व्याख्याता, अतिथि ग्रंथपाल एवं अतिथि क्रीड़ा अधिकारी को कार्य करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिक्षकों और अन्य शैक्षिक कर्मचारी की नियुक्ति हेतु न्यूनतम अर्हताएं तथा उच्चतर शिक्षा के मानकों के रख-रखाव हेतु अन्य उपाय) विनियम, 2018 के प्रावधानों के अनुरूप होगी। इस व्यवस्था के अंतर्गत अतिथि शिक्षण सहायक / ग्रंथालय सहायक / क्रीड़ा सहायक के लिये स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए परन्तु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांगजन अभ्यर्थियों के लिये स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
  • स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालयों में कार्य करने के लिए बिन्दु-1 के समान न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता के साथ-साथ आवेदकों को अंग्रेजी माध्यम से अध्यापन का अनुभव तथा अध्यापन के दौरान छात्र/छात्राओं से अंग्रेजी माध्यम में संवाद कर पाठ्य-विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का भी निराकरण करने में सक्षम होना अनिवार्य होगा। इस हेतु आवेदक अभ्यर्थियों की व्यवस्था राज्य स्तरीय गठित समिति के द्वारा सक्षमता एवं दक्षता के आधार पर निर्धारित की जायेगी।
  • आयु सीमा अतिथि व्याख्याता/अतिथि शिक्षण सहायक अधिकतम 65 वर्ष तक। अतिथि ग्रंथपाल / अतिथि क्रीड़ा अधिकारी एवं अतिथि ग्रंथालय सहायक / क्रीड़ा सहायक अधिकतम 62 वर्ष तक।
  • अंतिम सूची का प्रकाशन दिनांक को दिया जावेगा जिसका अवलोकन विश्वविद्यालय / महाविद्यालय की वेबसाईट अथवा सूचना पटल में किया जायेगा।
  • आमंत्रित अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण करने के समय इस आशय का शपथ पत्र देना होगा कि संबंधित के विरूद्ध पुलिस / न्यायालय में कोई आपराधिक प्रकरण विचाराधीन नहीं है। साथ ही अभ्यर्थी किसी अन्य शासकीय / अर्द्धशासकीय सेवा में नहीं है एवं पूर्व में किसी विश्वविद्यालय / महाविद्यालय में शिकायत/कार्य संतोषजनक नहीं पाये जाने के आधार पर अभ्यर्थी की सेवायें समाप्त नहीं की गई है।
  • आवेदन उपरांत संबंधित आमंत्रित चयनित अभ्यर्थी यदि समय सीमा में कर्तव्य स्थल पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसे उस दशा में अगले चरणों में सम्मिलित नहीं किया जाएगा।
  • अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य की सेवायें भविष्य में नियमितीकरण का आधार नहीं होगा।

मानदेयः-

अतिथि व्याख्याता मानदेय 2000/- प्रति कार्य दिवस (प्रतिमाह अधिकतम 50,000/-)

अतिथि ग्रंथपाल / क्रीडा अधिकारी 1600/- प्रति कार्य दिवस (प्रतिमाह अधिकतम 40,000/-)

अतिथि शिक्षण सहायक 1400/- प्रति कार्य दिवस (प्रतिमाह अधिकतम 35,000/-)

अतिथि ग्रंथपाल सहायक / अतिथि क्रीड़ा सहायक 1200/- प्रति कार्य दिवस (प्रतिमाह अधिकतम 30,000/-)

ये है जरुरी शर्त

  • इस विज्ञापन के तहत व्यवस्था किए गए अतिथि व्याख्याता एवं अन्य को विश्वविद्यालयीन / महाविद्यालयीन स्थापना के अंतर्गत नहीं माना जायेगा और वे लोक-सेवक की विधि विहित परिभाषा के अंतर्गत लोक सेवक नहीं कहलायेंगे।
  • संस्थान के इस व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत, यदि लगातार 15 दिवस तक अनुपस्थित रहता है तो उनकी व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी, जिसकी कार्यवाही संबंधित संस्था प्रमुख द्वारा की जावेगी।
  • इन्हें सर्वत्र अनुशासन बनाए रखना होगा तथा संस्था प्रमुख के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
  • कक्षाओं के संचालन के साथ-साथ संस्था प्रमुख के निर्देशानुसार अध्यापन के अतिरिक्त कार्य यथा प्रवेश, परीक्षा, छात्रसंघ चुनाव, योजनाओं का संचालन, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्रीड़ा गतिविधियां, युवा उत्सव, आंतरिक परीक्षाओं का संचालन एवं मूल्यांकन, नैक मूल्यांकन संबंधी कार्यों में ये सहयोग प्रदान करेंगे।
  • यदि कार्य अवधि के शैक्षणिक सत्र में इनकी अध्यापन कार्य संबंधी अथवा अन्य शिकायतें प्राप्त होती है तो सेवाएं तत्काल समाप्त की जा सकेगी तथा वे आगामी शैक्षणिक सत्रों में अध्यापन कार्य हेतु पात्र नहीं होंगे।