नेपाल में कल आई भीषण बाढ़ में करीब 160 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं। तिब्बत से आई इस बाढ़ ने कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, महत्वपूर्ण पुलों को बहा ले गई और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को ठप कर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।
राज्य सरकार ने नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। नेपाल में फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से संबंधित सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर हैं: +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी सहायता के लिए टोल-फ्री आपातकालीन नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 और पर्यटक पुलिस नंबर 9851289445 सहित इसी तरह के नंबर जारी किए हैं।


