समाचार वाचक। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा है कि वे वंदेमातरम का पूरा गीत गाकर सुना दें। भाजपा और आरएसएस के नेता इस बात का एक उदाहरण दें कि वंदेमातरम गाते हुए उनके किसी नेता ने लाठियां या गोलियां खाई हों। आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए बघेल ने कहा कि संघ के पास अब अवसर है। आरएसएस की प्रार्थना में गाए जाने वाले “नमस्ते सदा वत्सले” की जगह वंदेमातरम गाना शुरू कर देना चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदेमातरम कौन गाता था और लाठियां कौन खाता था, यह इतिहास में दर्ज है। आंदोलन के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता लाठियां खाते थे और जेल जाते थे।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो छंद गाने के फैसले को देशविरोधी और तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया था। शाह ने आरोप लगाया कि 1937 में भी कांग्रेस ने ऐसा ही निर्णय लेकर देश के विभाजन की नींव रखी थी। इसे लेकर अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस कार्यसमिति का यह फैसला “देशविरोधी” है और संसद द्वारा बनाए गए क़ानून की खुली अवहेलना है।
इससे पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने बुधवार को ऐलान किया कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया।


