अब बस्तर में खौफ का नहीं, बल्कि शांति, समृद्धि और तिरंगे के स्वाभिमान का परचम लहरा रहा है। बस्तर का यह नया अध्याय शहीदों के सपनों को पूरा करने की ओर एक अटूट संकल्प है!
हलामी मुंजमेटा… जहाँ वीर जवानों के बलिदान को आज पूरे सम्मान के साथ नमन किया गया। नक्सल हमले में शहीद हुए बलिराम पोटाई, संतोष श्रीमाली, सोमारू राम वट्टी और अब्दुल वाहिद खान की पावन शहादत को याद कर उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं। देश की शांति और सुरक्षा के लिए उनका यह सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
यह वही हलामी मुंजमेटा है, जो कभी माओवादी प्रभाव के साए में जीता था… जहाँ कभी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने पर माओवादी हिंसा की वारदातें करते थे। लेकिन आज लाल आतंक का वो दौर बीत चुका है और बस्तर की पावन धरा पर राष्ट्रभक्ति की नई सुबह आई है।
इसी ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनी है स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’! राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का स्पष्ट संदेश लेकर यह यात्रा नारायणपुर से बीजापुर के करेगुटालू तक निकाली जा रही है, जो आज नारायणपुर से चलकर हलामी मुंजमेटा पहुंची।


